Thursday, 1 December 2011

सेवा नहीं, मेवा के लिए आएंगी विदेशी कंपनियां: अन्ना

समाजसेवी अन्ना हजारे ने कहा है कि रीटेल सेक्टर में एफडीआई देश के लिए सही नहीं है। उन्होंने कहा है कि विदेशी कंपनियों की नीयत में खोट है और वे यहां पर सेवा के लिए नहीं बल्कि मेवा खाने के लिए आ रही हैं। अन्ना ने कहा कि एफडीआई देश को गुलामी के रास्ते पर ले जाएगी। उन्होंने पूछा, 'अंग्रेज हमारे वहां व्यापार करने आए थे। उन्होंने हम 150 साल शासन किया। क्या आप उसी को दोहराना चाहते हैं?' 

बातचीत में जब उनसे रीटेल सेक्टर में एफडीआई पर सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि सरकार को जनभावनाओं का खयाल करना चाहिए। विदेशी कंपनियों की नीयत साफ नहीं है। वे यहां पर आएंगी और यहां की बिजली और पानी को बर्बाद करेंगी। 

' एफडीआई खतरनाक, तो चीन ने क्यों दी इजाजत ' 
रीटेल में एफडीआई पर बुधवार को भी सरकार और विपक्ष में गतिरोध बना रहा। सातवें दिन भी संसद नहीं चली। सरकार और विपक्ष अपने-अपने स्टैंड पर कायम हैं। बीजेपी ने इसे देश के लिए खतरा बताया तो कांग्रेस का कहना है कि अगर एफडीआई खतरनाक है, चीन ने इसे क्यों अपनाया ? 

पार्टी प्रवक्ता मनीष तिवारी ने कहा है कि एफडीआई पर विपक्ष का विरोध सही नहीं है। उन्होंने वामपंथी पार्टियों से पूछा कि अगर रीटेल में एफडीआई गलत है, तो चीन, वियतनाम और क्यूबा ने इसको क्यों अपनाया। उसने कहा है कि इससे कोई बेरोजगारी नहीं बढ़ेगी। 

देश के लिए खतरा है रीटेल में एफडीआई: बीजेपी 
बीजेपी ने कहा है कि रीटेल में एफडीआई देश के लिए खतरा है। उसने आरोप लगाया कि सरकार ने यह फैसला अमेरिका, फ्रांस और ब्रिटेन जैसे देशों के दबाव में किया है। 

बीजेपी के वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी ने कहा, 'मल्टी ब्रैंड रीटेल में एफडीआई देश के लिए खतरा है। इसका सभी विपक्षी दलों और सरकार में शामिल कुछ पार्टियों तक ने विरोध किया। है। लेकिन सरकार ने देशहित के खिलाफ एकतरफा ढंग से संसद सत्र के दौरान यह निर्णय किया गया है।' जोशी ने कहा कि सरकार ने यह फैसला अमेरिका, फ्रांस और ब्रिटेन जैसे देशों के दबाव में किया है और भारत के नागरिकों के हितों के साथ समझौता किया गया है। ऐसी भी खबरें आई हैं कि इन वैश्विक रीटेल कंपनियों इसके लिए काफी लॉबिंग की है और इसके लिए पैसा दिया है। उन्होंने कहा कि मल्टी ब्रैंड खुदरा क्षेत्र में एफडीआई पर पूरा बैन होना चाहिए। 

कांग्रेस कोर कमिटी में नहीं हो सका फैसला 
मल्टी ब्रैंड रीटेल में एफडीआई पर जारी गतिरोध को खत्म करने के लिए कांग्रेस ने बुधवार को एड़ी-चोटी का जोर लगा दिया, लेकिन यह खत्म होता नजर नहीं आ रहा। प्रधानमंत्री निवास पर कांग्रेस कोर कमिटी की मीटिंग भी बेनतीजा समाप्त हो गई। इसमें प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और सोनिया गांधी के अलावा प्रणब मुखर्जी, अहमद पटेल, ए.के. एंटनी और आनंद शर्मा मौजूद थे। 

इससे पहले पार्टी में जारी घमासान को थामने के लिए प्रणब मुखर्जी ने रीटेल में एफडीआई और मुद्रास्फीति व काले धन पर काबू पाने के लिए सरकार द्वारा उठाए गए कदमों पर पार्टी के सांसदों को जानकारी दी। उन्होंने कांग्रेस सांसदों से कहा कि मल्टी ब्रैंड रीटेल में 51% एफडीआई की इजाजत से मुद्रास्फीति पर काबू पाने और खेत से लेकर खुदरा कीमतों में अंत को पाटने में मदद मिलेगी। 

मुखर्जी के बाद वाणिज्य मंत्री आनंद शर्मा गुरुवार को पार्टी के सांसदों को रीटेल में एफडीआई मुद्दे पर विस्तार से जानकारी देंगे। मुखर्जी ने सांसदों को बताया कि खुदरा में एफडीआई एक ऐसा कदम है जो कीमतों को घटाने में मदद करेगा। इससे चीजों के खेत में दाम और इसके थोक व खुदरा दामों में भारी अंतर को दूर करने में मदद मिलेगी।
http://navbharattimes.indiatimes.com/articleshow/10929164.cms

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