Saturday, 3 December 2011

इस बार दुनिया को मंदी से कोई नहीं बचा पाएगा

 युनाइटेड नेशंस ने चेतावनी दी है कि दुनिया एक बार फिर आर्थिक मंदी की ओर बढ़ रही है। युनाइटेड नेशंस का अनुमान है कि 2012 में ग्लोबल इकनॉमिक ग्रोथ और कम रहेगी और भारत व चीन जैसी तेजी से बढ़ती ताकतें भी इसे संभाल नहीं पाएंगी। गौरतलब है कि पिछली बार आर्थिक मंदी में चीन और भारत की वजह से ग्लोबल इकॉनमी को सहारा मिला था। 

'दुनिया की आर्थिक स्थिति और संभावनाएं 2012' पर युनाइटेड नेशंस की रिपोर्ट में कहा गया है कि अगले साल ग्लोबल इकनॉमिक ग्रोथ रेट घटकर 2.6% रह जाएगी, जो 2010 में 4% थी। रिपोर्ट में कहा गया है कि 2012 का साल ग्लोबल इकॉनमी के लिए 'करो या मरो' का होगा। 

युनाइटेड नेशंस ने कहा है कि ग्लोबल इकनॉमिक संकट के बाद दो साल में सुधार की गति काफी असमान रही है और दुनिया भर की इकॉनमी एक बार फिर से मंदी के मुहाने पर आ खड़ी हुई है। रिपोर्ट में बताया गया है कि एक और आर्थिक मंदी का जोखिम बढ़ गया है। 

रिपोर्ट में कहा गया है कि खासकर यूरोप और अमेरिका के नीति निर्माताओं की असफलता की वजह से बेरोजगारी का संकट दूर नहीं हो सका है। साथ ही वे कर्ज संकट से निपट नहीं सके हैं और वित्तीय क्षेत्र की कमजोरी बढ़ने से ग्लोबल इकॉनमी के सामने 2012-13 में काफी जोखिम की स्थिति रहेगी। इसमें कहा गया है कि भारत और चीन जैसे विकासशील देशों की ग्रोथ रेट 2012 में घटकर 5 . 6 % रह जाएगी, जो 2010 में 7.5 % थी। अभी ये देश ग्लोबल इकॉनमी के इंजन बने हुए हैं। 

विकासशील देश विकसित देशों के संकट से और अधिक प्रभावित होंगे। इसमें कहा गया है कि चीन और भारत के ग्रोथ रेट घटेंगे पर बाकियों की तुलना में बेहतर रहेंगे। भारतीय इकॉनमी की वृद्धि दर 2012-13 में 7.7 से 7.9 % रहने की उम्मीद है, जो 2010 में 9 % रही थी। चीन की वृद्धि दर के 2011 में घटकर 9.3% और 2012-13 में 9 % पर आने का अनुमान लगाया गया है। 2010 में यह 10.4 प्रतिशत रही थी। 
[http://navbharattimes.indiatimes.com/articleshow/10954261.cms]

भाषण के दौरान पंखा गिरा, पवार बाल-बाल बचे

 कृषि मंत्री शरद पावर शनिवार को जवाहरलाल नेहरू ऐग्रिकल्चर यूनिवर्सिटी में आयोजित एक कार्यक्रम में उस समय बाल-बाल बच गए जब वह भाषण देने के लिए जा रहे थे। पवार जैसे ही भाषण देने के लिए उठे, तभी उनके ऊपर लगा सीलिंग फैन नीचे गिर गया। जवाहरलाल नेहरू ऐग्रिकल्चर यूनिवर्सिटी में पंरपरागत खेती से हटकर नई खेती के संबंध में 3 दिन का राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया गया था और इसमें पवार मुख्य अतिथि के तौर पर वहां मौजूद थे। मंच पर केन्द्रीय कृषि राज्य मंत्री चरण दास महंत, केन्द्रीय संसदीय कार्य राज्य मंत्री हरीश रावत, मध्यप्रदेश के कृषि मंत्री रामकृष्ण कुसमरिया और पशुपालन मंत्री अजय विश्नोई भी मौजूद थे।

कार्यक्रम खत्म होने वाला था सिर्फ पवार का भाषण होना बाकी था। जैसे ही पवार भाषण देने के लिए आगे बढ़े, तभी उनके ऊपर लगा एक सीलिंग फैन अचानक गिर गया। इस घटना के बाद अफरातफरी मच गई और पवार के सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें घेर लिया। हालांकि, इस घटना में कोई घायल नहीं हुआ और पंखा हटाने के बाद पवार ने अपना भाषण शुरू कर दिया। 
(http://navbharattimes.indiatimes.com/articleshow/10969522.cms)

Friday, 2 December 2011

What an idea sir jee .....

snakes-in-office.jpgउत्तर प्रदेश में बस्ती जिले की हर्रैया तहसील में एक सपेरे ने 40 से ज्यादा सांप छोड़ दिए। घूस की मांग से परेशान हक्कुल नाम के सपेरे ने तहसील के ऑफिस में सांपों से भरे 3 बैग खाली कर दिए। 

इन सांपों में कुछ बेहद जहरीले कोबरा भी थे। सांपों को देख कर ऑफिस में अफरा-तफरी मच गई। कोई भागा, तो कोई मेज-कुर्सियों पर खड़ा हो गया। बड़ी मशक्कत के बाद सांपों को हटाया जा सका। 

दरअसल हक्कुल स्थानीय स्तर पर प्रसिद्ध सपेरे हैं और सांप निकलने पर उन्हें बुलाया जाता है। हक्कुल ने सांपों को सुरक्षित रखने के लिए सरकार से जमीन की मांग की थी लेकिन हक्कुल को केवल आश्वासन मिले। 

हक्कुल के मुताबिक सरकार ने पिछले साल जिला प्रशासन को उसे पट्टे पर जमीन देने के आदेश जारी किए थे लेकिन रिश्वत नहीं मिलने के कारण लेखपाल समेत तहसील के कुछ और अधिकारी अड़ंगा डाल रहे थे। इसी बात से नाराज होकर उसने तहसील में सांप छोड़ दिए। 

उप जिलाधिकारी रणविजय सिंह ने बताया कि घटना को संज्ञान में लिया गया है और हक्कुल को जल्द ही जमीन का पट्टा दे दिया जाएगा।
(http://navbharattimes.indiatimes.com/articleshow/10944600.cms)

Thursday, 1 December 2011

Random number generation algorithm


Global rally lifts Sensex 360 pts at close

Global rally lifts Sensex 360 pts at close; BHEL loses 2.5%The Sensex surged 2% at close on Thursday. It saw some profit taking in the second half of trade. Central banks' move to reduce the cost of dollar pushed all the global markets higher, by 2-6%.
Sharp appreciation in the rupee too helped our markets coupled with short covering. The Sensex, which shot up nearly 600 points in intraday trade, ended up 359.99 points at 16,483.45. The Niftyrose 104.80 points, to close at 4,936.85, after hitting a high of 5,010 during the day.
Gerard Lyons, the global head of strategy and economics at Standard Chartered says the move by central banks last night and the cut in reserve ratio by China really helped make the dollar easier to access and increase dollar liquidity in the system.
The central banks of Canada, Japan and Switzerland along with the ECB, US Federal Reserve and Bank of England reduced the cost of dollar temporarily by 50 basis points. China cut reserve requirement ratio for banks by 50 bps - first time in nearly three years on Wednesday.
 
However, Peter Hooper, managing director and chief economist at Deutsche Bank says, he doesn’t think this move itself is going to be a game changer for the eurozone crisis. “I think the actions by the central banks help to reduce the stress near-term, but by themselves they are not going to change the game,” he said.
European Central Bank's chief also warned that downside risks to economy outlook have increased.
European markets were mixed, at the time of closing of Indian equities.
Back home, Vikas Khemani, executive vice president & head - institutional equities of Edelweiss Securities says, the rally may not sustain. “I think markets are going to see a big reversal from hereon. For India, the problem is a lot more domestic than only global.” According to him, fundamental problems still need to be addressed.
Appreciation in the rupee was quite sharp. It gained 74 paise at 51.45 to the dollar. SEBI's debt auction on Wednesday received good response from foreign investors, which raised hopes of dollar inflow.
Meanwhile, inflation has started declining. Primary articles inflation for the week ended on November 19 dropped to 7.74% versus 9.08% in previous week. During the same period, food articles inflation fell to 8% versus 9.01%. Finance Minister Pranab Mukherjee feels March inflation could be 6-7%, if current decline continues.
All the sectoral indices closed in a positive terrain barring pharma. The BSE Metal, Bank and Realty indices jumped 3.5-4%.
Shares of ICICI Bank, Tata Motors, Hindalco, Sterlite and SAIL topped the buying list throughout the session, shot up 6-7%.
Among the auto stocks, after their sales numbers for November, M&M was up 0.8% while Maruti lost 0.7%. Hero Motocorp gained 4.3% and Bajaj Auto rose 1.8% ahead of numbers.
Index heavyweights Reliance Industries, Infosys, HDFC, SBI, L&T and TCS moved up 2-3%.
However, major largecaps like Bharti Airtel and BHEL lost 2% on profit booking. Dr Reddy's Labs fell 2% after CBI issued notice to company's MD, pertaining to Chandrababu Naidu assets case.
BPCL dropped 2% after oil marketing companies cut petrol rates by Rs 0.78/litre. Sun Pharma and HUL too were under pressure.
Advancing outnumbered declining ones by 1725 to 1118 on BSE.

सेवा नहीं, मेवा के लिए आएंगी विदेशी कंपनियां: अन्ना

समाजसेवी अन्ना हजारे ने कहा है कि रीटेल सेक्टर में एफडीआई देश के लिए सही नहीं है। उन्होंने कहा है कि विदेशी कंपनियों की नीयत में खोट है और वे यहां पर सेवा के लिए नहीं बल्कि मेवा खाने के लिए आ रही हैं। अन्ना ने कहा कि एफडीआई देश को गुलामी के रास्ते पर ले जाएगी। उन्होंने पूछा, 'अंग्रेज हमारे वहां व्यापार करने आए थे। उन्होंने हम 150 साल शासन किया। क्या आप उसी को दोहराना चाहते हैं?' 

बातचीत में जब उनसे रीटेल सेक्टर में एफडीआई पर सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि सरकार को जनभावनाओं का खयाल करना चाहिए। विदेशी कंपनियों की नीयत साफ नहीं है। वे यहां पर आएंगी और यहां की बिजली और पानी को बर्बाद करेंगी। 

' एफडीआई खतरनाक, तो चीन ने क्यों दी इजाजत ' 
रीटेल में एफडीआई पर बुधवार को भी सरकार और विपक्ष में गतिरोध बना रहा। सातवें दिन भी संसद नहीं चली। सरकार और विपक्ष अपने-अपने स्टैंड पर कायम हैं। बीजेपी ने इसे देश के लिए खतरा बताया तो कांग्रेस का कहना है कि अगर एफडीआई खतरनाक है, चीन ने इसे क्यों अपनाया ? 

पार्टी प्रवक्ता मनीष तिवारी ने कहा है कि एफडीआई पर विपक्ष का विरोध सही नहीं है। उन्होंने वामपंथी पार्टियों से पूछा कि अगर रीटेल में एफडीआई गलत है, तो चीन, वियतनाम और क्यूबा ने इसको क्यों अपनाया। उसने कहा है कि इससे कोई बेरोजगारी नहीं बढ़ेगी। 

देश के लिए खतरा है रीटेल में एफडीआई: बीजेपी 
बीजेपी ने कहा है कि रीटेल में एफडीआई देश के लिए खतरा है। उसने आरोप लगाया कि सरकार ने यह फैसला अमेरिका, फ्रांस और ब्रिटेन जैसे देशों के दबाव में किया है। 

बीजेपी के वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी ने कहा, 'मल्टी ब्रैंड रीटेल में एफडीआई देश के लिए खतरा है। इसका सभी विपक्षी दलों और सरकार में शामिल कुछ पार्टियों तक ने विरोध किया। है। लेकिन सरकार ने देशहित के खिलाफ एकतरफा ढंग से संसद सत्र के दौरान यह निर्णय किया गया है।' जोशी ने कहा कि सरकार ने यह फैसला अमेरिका, फ्रांस और ब्रिटेन जैसे देशों के दबाव में किया है और भारत के नागरिकों के हितों के साथ समझौता किया गया है। ऐसी भी खबरें आई हैं कि इन वैश्विक रीटेल कंपनियों इसके लिए काफी लॉबिंग की है और इसके लिए पैसा दिया है। उन्होंने कहा कि मल्टी ब्रैंड खुदरा क्षेत्र में एफडीआई पर पूरा बैन होना चाहिए। 

कांग्रेस कोर कमिटी में नहीं हो सका फैसला 
मल्टी ब्रैंड रीटेल में एफडीआई पर जारी गतिरोध को खत्म करने के लिए कांग्रेस ने बुधवार को एड़ी-चोटी का जोर लगा दिया, लेकिन यह खत्म होता नजर नहीं आ रहा। प्रधानमंत्री निवास पर कांग्रेस कोर कमिटी की मीटिंग भी बेनतीजा समाप्त हो गई। इसमें प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और सोनिया गांधी के अलावा प्रणब मुखर्जी, अहमद पटेल, ए.के. एंटनी और आनंद शर्मा मौजूद थे। 

इससे पहले पार्टी में जारी घमासान को थामने के लिए प्रणब मुखर्जी ने रीटेल में एफडीआई और मुद्रास्फीति व काले धन पर काबू पाने के लिए सरकार द्वारा उठाए गए कदमों पर पार्टी के सांसदों को जानकारी दी। उन्होंने कांग्रेस सांसदों से कहा कि मल्टी ब्रैंड रीटेल में 51% एफडीआई की इजाजत से मुद्रास्फीति पर काबू पाने और खेत से लेकर खुदरा कीमतों में अंत को पाटने में मदद मिलेगी। 

मुखर्जी के बाद वाणिज्य मंत्री आनंद शर्मा गुरुवार को पार्टी के सांसदों को रीटेल में एफडीआई मुद्दे पर विस्तार से जानकारी देंगे। मुखर्जी ने सांसदों को बताया कि खुदरा में एफडीआई एक ऐसा कदम है जो कीमतों को घटाने में मदद करेगा। इससे चीजों के खेत में दाम और इसके थोक व खुदरा दामों में भारी अंतर को दूर करने में मदद मिलेगी।
http://navbharattimes.indiatimes.com/articleshow/10929164.cms

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